बहुत प्यार है मुझे.

दिल कहता है मोहब्बत नहीं क़यामत है ये,
फिर दिल की दीवार पर तेरा चेहरा क्यूँ है,
और भी ज़ख्म हैं तेरे ज़ख्मों के सिवा,
तेरे ही ज़ख्म का दाग इतना गहरा क्यूँ है।

अब क्यूँ तकलीफ होती है तुम्हें इस बेरुखी से,
तुम्हीं ने तो सिखाया है कि दिल कैसे जलाते हैं।

बर्बाद कर गए वो ज़िंदगी प्यार के नाम से,
बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से,
ज़ख़्म ही ज़ख़्म दिए उस ने दवा के नाम से,
आसमान रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से।

आज हर एक पल ख़ूबसूरत है,
दिल में बस एक तेरी सूरत है,
कुछ भी कहे ये दुनिया कम नहीं,
दुनिया से ज़्यादा हम को तेरी ज़रूरत है
.

तेरे नाम को होंटो पे सजाया है मैंने,
तेरे रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने.
दुनिया तुम्हें ढूंढ़ते ढूंढ़ते हो जाएगी पागल.
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने
.

जिसके इक़रार का इंतज़ार था मुझे,
जाने क्यों उस से इतना प्यार था मुझे,
ऐ खुदा आ ही गया वो हसीं पल,
जब उसने कहा तुमसे बहुत प्यार है मुझे.

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