इस बार जीतने की मेरी बारी है !!”



मैंने तुम्हारे दर्द को देखा है तुम्हारी आँखों में
चाहे जितनी कोशिश कर लो
मुस्कुराहट से अपने आंसू छुपाने की।



खुश हैं तेरे बगैर भी हम…
ये झूठ रोज़ इस दिल से कहते हैं
तुम्हारी जुदाई का,
इस तनहाई का ये दर्द हम रोज़ सहते हैं!!



ख़्वाब का पीछा करते करते
अपनों से हम दूर हो गए
सपने भी इस कदर देखे कि
हक़ीक़त से बेख़बर हो गए !!”



अभी टूटा नहीं है ख्वाब मेरा
एक आस अभी तक बाकी है
भले ही हार गई हूं मैं
मगर मुझमें जीतने की प्यास अब तक बाकी है


दिल में एक जुनून जिंदा है
कोशिशें अब भी जारी हैं
बहुत बार हरा लिए हमको
मगर इस बार जीतने की मेरी बारी है !!”

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